दीक्षाभूमि पर ‘सेवा, ज्ञान और शक्ति’ का त्रिवेणी संगम : बिजली कर्मचारियों का भोजनदान, पुस्तक वितरण और सूचना स्टॉल!
दीक्षाभूमि पर ‘सेवा, ज्ञान और शक्ति’ का त्रिवेणी संगम: बिजली कर्मचारियों का भोजनदान, पुस्तक वितरण और सूचना स्टॉल!
नागपुर, 3 अक्टूबर 2025: 69वें धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के अवसर पर, जब नागपुर की पवित्र दीक्षाभूमि ज्ञान और श्रद्धा के सागर में डूबी हुई थी, तब महाराष्ट्र राज्य की विद्युत कंपनियों (महावितरण, महापारेषण और महानिर्मिती) के अधिकारियों, कर्मचारियों और अभियंताओं ने एक अनोखा और महत्वपूर्ण सेवा कार्य करके धम्म अनुयायियों को राहत प्रदान की। लाखों अनुयायियों के लिए अन्नदान (भोजनदान), ज्ञानदान (पुस्तक वितरण), विभिन्न योजनाओं की सूचना पुस्तिका वितरण और मुफ्त अल्पाहार व पीने के पानी की व्यवस्था (पियाऊ) जैसी सेवाओं का संगम दीक्षाभूमि पर देखने को मिला।
ज्ञान और जानकारी का विशेष वितरण:
इस पहल में धम्म अनुयायियों को केवल भोजन ही नहीं, बल्कि विचारों की नई दिशा देने वाले ग्रंथों का भी वितरण किया गया। इस ग्रंथदान में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा लिखित ‘वीजाच्या प्रतीक्षेत’ नामक महत्वपूर्ण पुस्तक वितरित की गई। इसके साथ ही, आम जनता को सीधा लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से महावितरण की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने वाली उपयोगी सूचना पुस्तिकाओं का वितरण किया गया। बिजली से संबंधित शिकायतों और प्रश्नों पर उचित मार्गदर्शन प्रदान करना इस पहल का मुख्य उद्देश्य था।

इस भोजनदान और पुस्तक वितरण कार्यक्रम का उद्घाटन महावितरण, नागपुर परमंडल के मुख्य अभियंता दिलीप दोडके के कर-कमलों द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि महावितरण की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुँचाने में सूचना पुस्तिका वितरण महत्वपूर्ण है। गोंदिया परमंडल के मुख्य अभियंता सुहास रंगारी ने अपने अध्यक्षीय भाषण में स्पष्ट किया कि भोजनदान के साथ-साथ दीक्षाभूमि से बाबासाहेब के विचारों का आदान-प्रदान और पुस्तकों के माध्यम से ज्ञान की भूख को शांत करना अधिक महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर महापारेषण, नागपुर परमंडल के मुख्य अभियंता सतीश अणे, चंद्रपुर परमंडल के मुख्य अभियंता हरीश गजबे, अकोला परमंडल के मुख्य अभियंता राजेश नाईक ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन मधुकर सुरवाडे ने और आभार प्रदर्शन कुणाल पाटील ने किया। इस दौरान नागपुर शहर मंडल के अधीक्षक अभियंता अमित परांजपे के साथ उमेश शहारे, सम्राट वाघमारे, गौतम धोंगडे, हेमराज ढोके, राहुल जीवतोडे, धम्मदीप फुलझेले और कई अभियंता व कर्मचारी, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी तथा सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
महावितरण के ‘सूचना स्टॉल’ पर भारी भीड़:
सेवाभाव और ज्ञान के साथ ही, महावितरण ने प्रौद्योगिकी और अपनी योजनाओं की जानकारी देने के लिए दीक्षाभूमि पर एक विशेष स्टॉल स्थापित किया था। इस स्टॉल में प्रधानमंत्री सूर्यघर और मागेल त्याला सौर कृषीपंप जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दी गई। स्टॉल पर उपयोगी सूचना पुस्तिकाओं और वीडियो क्लिप्स के माध्यम से योजनाओं को समझाया गया। नागरिकों के प्रश्नों का समाधान करने के लिए अभियंताओं और कर्मचारियों की एक विशेष टीम तीन दिनों तक मौजूद रही। देश भर से आए हजारों नागरिकों ने इस स्टॉल का दौरा किया और महावितरण की योजनाओं तथा बिजली सुरक्षा नियमों की जानकारी ली। इस स्टॉल की संकल्पना में मधुकर सुरवाडे, नरेंद्र तिजारे, कार्यकारी अभियंता राहुल जीवतोडे और उप-मुख्य जनसंपर्क अधिकारी योगेश विटनकर का मुख्य योगदान रहा।
अल्पाहार और पियाऊ: राहत प्रदान करने वाली सुविधा:
म. रा. मागासवर्गीय विद्युत कर्मचारी संघटन की ओर से दीक्षाभूमि पर आए अनुयायियों के लिए लगातार दो दिनों तक मुफ्त अल्पाहार और पीने के पानी (पियाऊ) की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। मुख्य अभियंता दिलीप दोडके के कर-कमलों द्वारा इस सुविधा का भी उद्घाटन किया गया। उन्होंने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विद्युत क्षेत्र में योगदान को याद करते हुए, संगठन के सेवा कार्य की प्रशंसा की। स्वतंत्र मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. एस. पाटील और उपाध्यक्ष एन. बी. जारोंडे ने भी इस पहल की सराहना की और भविष्य में और अधिक समाजोपयोगी कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की।
इस अवसर पर अमित परांजपे, संजय वाकडे, जितेंद्र फुले, जयंत कोकाटे, हेमराज ढोके, राहुल जीवतोडे, धम्मदीप फुलझेले, नारायण लोखंडे, संजय शृंगारे, प्रशांत खटी, सारिका जारोंडे और संगठन के मुख्य संयोजक दयानंद हाडके सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस कार्यक्रम का संचालन सुशांत शृंगारे ने, प्रस्तावना आनंद कांबळे ने और आभार प्रदर्शन दिलीप वाघ ने किया।
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